“कफ सिरप या कैश मशीन? UP से निकला 1000 करोड़ का झटका!”

अजमल शाह
अजमल शाह

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों—लखनऊ, वाराणसी, सोनभद्र, सहारनपुर और गाजियाबाद—में पिछले दो महीनों के दौरान दर्ज 30 से ज्यादा FIR के आधार पर एक बड़ा ECIR (Enforcement Case Information Report) दर्ज किया है।
और जनाब, ये कोई मामूली केस नहीं—ये है कोडीन आधारित कफ सिरप की अवैध तस्करी का 1000 करोड़+ का पूरा साम्राज्य!

यानी कफ सिरप ने आजकल बैंक बैलेंस बढ़ाए हैं… वो भी गलत तरीके से।

कफ सिरप बना ‘सीमा पार गोल्ड’?

ED की शुरुआती जांच में सामने आया कि भारी मात्रा में कोडीन कफ सिरप का अवैध भंडारण, रात में सीक्रेट ट्रांसपोर्ट, नकली मेडिकल बिल, और बॉर्डर पार स्मगलिंग का एक पूरा नेटवर्क ऑपरेट हो रहा था।

सरकारी भाषा में इसे “अवैध व्यापार” कहा जाता है…जनता की भाषा में—सीमा पार कफ सिरप एंटरप्राइज।

1000 करोड़ की कमाई! कफ सिरप की ऐसी कीमत?

जांच एजेंसियों के अनुसार, यह नेटवर्क दो महीने के अंदर 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा की अवैध कमाई कर चुका था। कसम से, इतनी कमाई तो कई स्टार्टअप यूनिकॉर्न भी नहीं कर पाते—और ये लोग खांसी का बहाना बनाकर रॉकेट की तरह चढ़ गए!

FIR का जाल और ED का एक्शन

पिछले 60 दिनों में UP के विभिन्न जिलों में जो FIR दर्ज हुईं, उनमें अवैध स्टॉक, बोगस लाइसेंस, फर्जी मेडिकल स्टोर, और ट्रक लोडेड सिरप जैसे गंभीर आरोप लगे।

इन FIR की स्ट्रिंग जोड़कर ED ने ECIR दर्ज कर लिया है, मतलब अब गेम ओवर मोड ऑन।

अब आगे क्या?

ED जल्द ही छापेमारी, बैंक अकाउंट अटैचमेंट, रैकेट की फाइनेंशियल ट्रेल और इनकम के “खांसी बूस्टर्स” का पूरा हिसाब निकालेगी।

UP का यह “कफ सिरप महाघोटाला” अब नेशनल हेडलाइन बनने वाला है।

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